STD का Full Form क्या होता है – Std का पूरा नाम क्या है।

 

STD का full form क्या होता है या फिर STD क्या है अगर आप इस प्रश्न का उत्तर खोज रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह है क्योंकि आपने कई बार यह शब्द पहले कई बार सुना होगा लेकिन आखिर STD का full form  होता क्या है यह बहुत कम लोगों को ही पता होता है। सबसे पहले तो बता दें कि STD का संबंध telephone से है telephone का मतलब तो हम सभी लोग जानते हैं कि  इसका उपयोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर मौजूद व्यक्ति से बात करने के लिए किया जाता है अब हम आपको बताने जा रहे हैं STD का पूरा नाम क्या है अब हम इसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

std ka full form kya hota hai

Full form of STD in hindi

STD का full form इंग्लिश में subscriber trunk dialing जिसे हिंदी में भी सब्सक्राइब ट्रंक डायलिंग ही कहते है। परन्तु इसके अलावा इसे इंग्लिश में subscriber toll dialing और हिंदी में सब्सक्राइबर टोल डायलिंग भी कहते हैं।

दोस्तों, वैसे तो हिंदी भाषा मे STD के दो ही अर्थ होते हैं जो हमने आपको बताए हैं परन्तु इसके अलावा भी Medical Science की भाषा में STD का एक और full form होता है जिसे इंग्लिश में sexually transmitted disease कहते हैं और हिंदी में यौन संचारित रोग है जो एक बीमारी है।

STD के इतिहास के बारे में जानकारी

एस टी डी का फुल फॉर्म क्या है इसके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए देने के बाद अब हम जानेंगे STD के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे । जैसे कि यह कब शुरू हुआ था और इसकी शुरुआत किसने की थी।

Std एक telephone System है जो Operator के बिना trunk call Dial करने की इजाजत देता है इसकी शुरुआत सबसे पहले London या यूनाइटेड Kingdom में हुई थी। सबसे पहले इसका उपयोग 5 दिसंबर 1958 में London की रानी Victoria ने Bristol से Edinburgh जो Scotland की राजधानी वहां मौजूद Scotland के राजा को किया STD की सहायता से बहुत दूरी पर भी किसी व्यक्ति को  सीधे Dial किया जा सकता था।  यह उस वक्त का telephone जगत का सबसे नवीनतम और अद्भुत अविष्कार था इसके बाद ही यह प्रणाली धीरे – धीरे प्रसिद्ध होती चली गई।  इस सेवा को पूरी तरह लागू होने में 21 वर्ष का समय लगा 1979 तक लगभग सभी देशों ने std का उपयोग करना शुरू कर दिया था। इसी बीच 1963 London से पेरिस पहली बार बात की गई बिना किसी Operator के इस प्रणाली को ISD नाम दिया गया जिसे हम इंटरनेशनल सब्सक्राइबर डायलिंग भी कह सकते हैं लेकिन इस प्रणाली को उपयोग में लाने के लिए सभी जगहों को एक Code की आवश्यकता थी ताकि कोई भी व्यक्ति उस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति से आसानी से संपर्क कर सके।

Number plan

STD आने के बाद सभी शहरों को एक 3 digit Code जारी दिए गए थे जो,केवल उसी शहर में फोन करने के लिए उपयोग में लाए जाते थे उस समय की कुछ चुनिंदा शहरों के Code कुछ इस प्रकार हैं।

  • London 01
  • Birmingham 021
  • Edinburgh 031
  • Glasgow 041
  • Liverpool 051
  • Manchester 061

इन्ही code का उपयोग करके किसी भी व्यक्ति को फोन करने के लिए उस क्षेत्र का Code telephone नंबर के पहले Dial करना होता था।

तो  दोस्तों, अभी तक तो आप ये जान गए होंगे कि STD का मतलब क्या होता है और यह काम आता है। STD इसके शुरुआती दिनों में काफी प्रचलित नहीं था लेकिन धीरे-धीरे समय के इसका उपयोग होता चला गया और इसने अपनी एक अलग ही पहचान विश्व में बना ली। एक समय STD काफी प्रचलित था क्योंकि उस जमाने में mobile का आविष्कार नहीं हुआ था और mobile कंपनियां भी इतनी Active नहीं थी mobile हैंडसेट भी काफी महंगे हुआ करते थे जैसे जैसे mobile का आविष्कार या इसका Modification होता जा रहा है वैसे-वैसे STD की लोकप्रियता भी घटने के साथ mobile की लोकप्रियता दुगनी तेजी से बढ़ती जा रही है जिसके चलते STD की लोकप्रियता काफी हद तक कम हो गई है।

Telephone का उपयोग अब बहुत ही कम लोग करते है जिसकी बड़ी वजह काफी हद तक mobile और इसमे use होने वाला internet है लेकिन फिर भी बड़े-बड़े ऑफिस  में telephone का उपयोग किया जाता है सिर्फ वही उसका वजूद सिमट कर रह गया mobile के अविष्कार के बाद हमने 2G, 3G और 4G का नाम तो कई बार सुना लेकिन उनके मतलब बहुत कम ही लोगों को पता है Smart Phone से पहले सारे mobile 2G तकनीक पर चलते थे इसे हम 2nd Generation भी कहते हैं। 2nd Generation के आने के बाद भी STD का उपयोग बंद नहीं हुआ लेकिन जैसे-जैसे 3G और 4G की लोकप्रियता बढ़ी क्योंकि इसमें mobile की इंटरनेट Speed काफी तेज थी और आवाज भी बहुत अच्छे से आती थी लोग अब इंटरनेट के आदी हो चुके थे अब सिर्फ कुछ गिने-चुने जगह telephone का उपयोग होता है लोग आजकल Social Networking Site के आदी हो चुके हैं जिससे उन्हें अब फोन करने की भी आवश्यकता नहीं रह गई है क्योंकि इन website पर चैटिंग के भी Option होते हैं यह एक एस एम एस की तरह ही होता है और बहुत user friendly होता है यही कारण है कि आजकल लोग फोन करने की जगह सिर्फ चैटिंग करते हैं उसी के माध्यम से घर बैठे ही दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से चैटिंग कर सकते हैं और स्मार्ट फोन में तो वीडियो चैटिंग Tv Option होते हैं जिसमें एक दूसरे को देख कर भी बात की जा सकती है फिर भी telephone का उपयोग बाजारों में किया जाता है लेकिन वहां पर भी STD का उपयोग नहीं होता एक telephone से किसी दूसरे पर्टिकुलर फोन से कनेक्ट रहते हैं।

Smart Phone के आने के बाद और 4th Generation के अविष्कार के बाद जो सुविधाएं थर्ड Generation इंटरनेट Speed के Comparison में और अधिक बढ़ गई जो भारत में mobile की दुनिया में क्रांति सी आ गई। आज हर दूसरे व्यक्ति के पास 4G mobile phone है और कंपनी भी 4G को दूसरी Generation से ज्यादा बढ़ावा दे रही है Generation आने के बाद से 4G फोन की बिक्री में भी कई गुना इजाफा हुआ है लेकिन भारत में यहां काफी समय के बाद launch हुई है विदेशों में यह Technology काफी समय पहले ही launch हो चुकी थी वहां की 4th Generation इंटरनेट Speed भारत की 4th Generation Speed की तुलना में काफी बेहतर ।है 4th Generation ने telephone के लिए ताबूत की आखरी कील का काम किया है अब वह दिन ज्यादा दूर नहीं जब STD सिर्फ एक इतिहास बनकर रह जाएगा।

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