भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे – First Prime Minister of India

Bharat ke pratham pradhan mantri कौन थे ? यह हमें पता होना चाहिए क्योंकि हम सभी जानते हैं, कि भारत के अलग-अलग हिस्सों पर अलग-अलग राजाओं का शासन हुआ करता था। लंबे समय तक यही व्यवस्था बनी रही। इसके बाद भारत में अग्रेज़ों का आगमन शुरू हुआ, और देखते ही देखते पूरे भारत पर अंग्रेज़ी हुकूमत का कब्ज़ा हो गया। इसके बाद लंबी संघर्ष के बाद 1947 में भारत को आज़ादी मिली। भारत की आज़ादी के बाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे इस बात से भी अधिकांश लोग परिचित हैं। अगर आपको नहीं पता तो इस लेख को अंत तक पढ़े।

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इस लेख में हम बतायेंगे की भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे तथा इनका कार्यकाल कब से कब तक का था तथा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों से भी आपकी अवगत कराएंगे। बता दें कि देश में पहला आम चुनाव आज़ादी के बाद तथा देश में लोकतंत्र लागू होने के बाद ही 1951 – 52 में हुआ था। लेकिन इससे पहले ही देश को प्रधानमंत्री मिल चुका था। जब अंग्रेजी हुकूमत का देश से खत्मा हुआ, तब महान स्वतंत्रता सेनानी रहे पंडित जवाहर लाल नेहरू को भारत का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।

 भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु थे

जवाहरलाल नेहरु का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में 14 नबंवर 1889 को हुआ था। जवाहरलाल नेहरु का सम्बंध एक ऐसे परिवार से था, जो कि काफी समय से आज़ादी की लड़ाई में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेता आया था। इनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था, जो कि अपने ज़माने के दिग्गज वकील तथा स्वतंत्रता सेनानी भी थे। जवाहरलाल नेहरू की माता का स्वरूप रानी था।

  • जवाहरलाल नेहरू की शिक्षा

चूंकि जवाहरलाल नेहरु के पिता अपने समय के बहुत बड़े वकीलों में गिने जाते थे, तो वह उस समय पूरी तरह संपन्न परिवार हुआ करता था। अमीर परिवार से सम्बंध रखने वाले नेहरू जी की आरंभिक शिक्षा घर पर ही हुई। आगे की पढ़ाई उन्होंने विदेशों के विश्व स्तरीय कॉलेज से पूरी की। उन्होंने कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज तथा Inner Temple से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की तथा कानून की पढ़ाई करते हुए बैरिस्टर बने।

इसके बाद वह भारत वापस आ गए तथा अपने पिता के ही तर्ज़ पर भारत मे इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू कर दी। यहां से ही उन्होंने राजनीति में कदम रखना शुरू कर दिया और आज़ादी की लड़ाई में भाग लेने लगे। 1910 के आसपास नेहरू युवा नेता के तौर पर उभरने लगे। 1920 तक आते-आते नेहरू कांग्रेस के बड़े नेता के रूप में स्थापित हो गए। 1929 में अंग्रेज़ो से पूर्ण आज़ादी का नारा जवाहरलाल नेहरू ने ही दिया था।

  • जवाहरलाल नेहरू की जेल यात्रा

देश की आज़ादी में जवाहरलाल नेहरू के योगदान को इस बात से भी समझा जा सकता है, कि आजादी की लड़ाई के कारण उन्हें काफी समय जेल में भी गुजरना पड़ा। आज़ादी से पहले अलग-अलग समय में नेहरू कुल 9 बार जेल गए। जेल में नेहरू ने कुल मिलाकर 3259 दिन गुज़ारे। सबसे पहले वह 6 दिसंबर 1921 से लेकर 3 मार्च 1922 तक जेल में रहे। इसके बाद उनका आना-जाना लगा रहा। अंतिम बार नेहरू 30 मार्च 1945 से 9 जून 1945 तक जेल में रहें।

  • प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू

देश की आज़ादी के बाद देश के बंटवारे के बाद भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु चुने गए। इसके बाद जब पहली बार देश में आम चुनाव हुए, तो भी कॉंग्रेस की जीत के बाद नेहरू ही देश के प्रधानमंत्री बने। नेहरू का कार्यकाल 15 अगस्त 1947 से इनके मृत्यु तक यानी 27 मई 1964 तक रहा। प्रधानमंत्री के अलावा अलग-अलग समय में वह अलग-अलग मंत्रालय भी संभालते नज़र आए थे।

इसे पढ़ने के बाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे, इस बात की जानकारी के साथ-साथ प्रथम प्रधानमंत्री के संघर्षों और देश की आज़ादी में इनके योगदान का भी पता चल गया होगा। इस पर अगर आप कोई सवाल या किसी अन्य तरह कस सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं।

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