CBSE का Full Form क्या होता है । Cbse Full Form In Hindi

CBSE ka full form क्या होता है और cbse क्या है इस article में हम इस विषय पर बात करेगे क्योंकि आपने कई बार CBSE नाम सुना होगा या फिर हो सकता है आप इसे बहुत अच्छी तरीके से जानते भी हो, पर बहुत से  लोगों CBSE का full form का क्या होता है इसके बारे में जानकारी नही रहती है।

cbse ka full form kya hota hai

दरअसल CBSE Central India का education system है जो वर्तमान में एक बहुत ही जाना-माना system बन चुका है, क्योंकि आज कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों को State Board में पढ़ाना पसंद नही करता है, इसका कारण क्या है यह सब यह जानते हैं कि CBSE की पढ़ाई दूसरे किसी भी Board की पढ़ाई के मुकाबले बहुत ज्यादा अच्छी होती है । इसीलिए हम CBSE क्या है तथा इसकी फुल फॉर्म के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

Cbse ka full form और cbse क्या है full information

अगर आप CBSE School में पढ़ते हैं तो आपको इसका full form पता होना बहुत ज्यादा आवश्यक है, क्योंकि आप जहां से पढ़ाई रहे हैं उस Board का पूरा नाम आपको पता होना चाहिए। इसलिए हम आपको आज यहाँ पर CBSE का full form होता क्या है इसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे । दोस्तो CBSE का full form Central Board of Secondary Education होता है और इसे हिंदी में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भी कहा जाता है।

  • CBSE stands for – Central Board of Secondary Education
  • CBSE full form in Hindi- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

सी.बी.एस.ई का महत्व / important of cbse in India

क्या आप जानते है कि CBSE Board भारत का सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा विभाग क्यों है अगर नही ? आइए इसे जानते हैं।

CBSE Board भारत में कई private school को शिक्षा देने की मान्यता देता है और इन सभी शिक्षा देने वाले school को CBSE द्वारा बनाए गए कुछ  rules and regulations को  follow करना पड़ता है। जिसमें अगर वह खरे उतरते हैं तो उन्हें CBSE के द्वारा School चलाने की मान्यता दे दी जाती है।  CBSE ने कई सराहनीय  rules and regulations बनाए हैं जो कि भारतीय शिक्षा को बढ़ावा देते हैं। CBSE दो भाषा में शिक्षा देता है, जिसमें पहली भाषा English और दूसरी भाषा हिंदी  हैं। भले ही cbse course को दो भागों में पढ़ाया जा सकता है पर ज्यादातर private CBSE school, English medium ही होते हैं जो अपने अच्छे education के लिए जाने जाते हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत में शिक्षा बहुत अच्छे level पर नहीं है इसलिए education की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए central government का cbse board एक initiative है। भारत में आज भी बहुत सारे government school को state government  द्वारा चलाए जाते हैं। जिनकी हालत काफी बेकार है, अगर कुछ राज्यों के Government schools को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी राज्यों के सरकारी स्कूलों की हालत काफी खस्ता है। लेकिन जब बात CBSE गवर्नमेंट स्कूलों की आती है तो यह study level  एवं quality education में state school से काफी आगे होते है इसलिए CBSE ने india में एक अलग ही level प्राप्त किया हुआ है।

CBSE board के बारे में सामान्य जानकारी

पूरे भारत की अगर बात करें तो लगभग 19,300 से ज्यादा स्कूल CBSE से affiliated है और यदि भारत से बाहर की बात करें तो लगभग 211 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने भारत के बाहर होते हुए भी CBSE से मान्यता प्राप्त की है और यह लगभग 25 country में फैले हुए हैं, तो इसी बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि CBSE का level कितना high है। दोस्तों, CBSE Board का formation आज से लगभग 56 साल पहले सन 1962 में हुआ था जिसका headquarter भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है। और अगर इसके chairperson की बात की जाए तो इसके chairperson का नाम अनीता करवाल है।

Cbse Exam के बारे में सामान्य जानकारी

जब कभी भी  Board exams की बात आती है तो आपके दिलो-दिमाग में सिर्फ एक ही बात आती होगी वह है  10th और 12th  हां दोस्तों, यही दो ऐसी exams है। जिन्हें आज भी Board का दर्जा प्राप्त है और इनको State Board और CBSE द्वारा conduct किया जाता है यह दोनों exam हर साल मार्च के आसपास 10th और 12th Board कि exam conduct करवाती जिसका  result लगभग मई के आसपास आता है। अगर आप  CBSE और state board का exam level जाँचने का प्रयास करेंगे तो आपको cbse का exam बहुत ज्यादा कठिन लगेगा । इस कठनाई से   हम एक अंदाजा लगा सकते हैं कि CBSE Board का शिक्षा स्तर बहुत ज्यादा होता है इसीलिए हम कह सकते है कि cbse का लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना होता है।

Cbse exam पास करने के eligibility क्या होना चाहिए।

अगर आपने  10th और  12th दोनों Board के exam तो clear जरूर की है तो आप भली-भांति यह भी जानते होंगे कि इसके passing marks क्या होते है। पर हम आपको एक बार और recall करा देते हैं कि इसमे passing marks 33 प्रतिशत  होते हैं ठीक इसी तरह 10th और 12th की CBSE Board की exam के passing marks भी 33% ही होते हैं। और यदि आपने 12th में 6 subject लिए हैं जिनमें कि 5 compulsory होते हैं तो आपको सिर्फ उन पांच में 33% लाना जरूरी है। अगर किसी भी एक subject में 33% marks नहीं आ पाते हैं तो आपको उस  subject का  paper वापस देना पड़ता है। 10th or 12th में पढ़ाई जाने वाला  syllabus भी CBSE Board द्वारा बनाया जाता है जो कि सिर्फ CBSE Board द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों में ही मान्य होता है और इसी  syllabus के आधार पर  exam के  paper बनाता है, एवं यदि आपने इस पूरे  syllabus को बहुत ही अच्छी तरीके से पढ़ा है तो आप CBSE  exam में अच्छे  marks ला सकते हैं।

CBSE board का लक्ष्य  school मे quality  education मतलब एक उच्च दर्जे की शिक्षा  students को मिले और students की बुनियादी शिक्षा इतनी मजबूत हो, कि उन्हें भविष्य में बिल्कुल भी दिक्कत ना आए। इसका दूसरा लक्ष्य यह भी है कि जितने भी कर्मचारी central government में कार्यरत हैं, उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले सके। CBSE board लगातार अपने standards को high करता जा रहा है। जो कि इसे लगातार अच्छे से अच्छा शिक्षा Board बनाते जा रहा है। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को बुनियादी शिक्षा प्राप्त कराना है जिससे बच्चे भविष्य में  कामयाब हो सके यही कारण है कि CBSE Board लगातार शिक्षा की ओर अपने कदम बढ़ाते जा रही है ताकि एक नए भारत का उदय हो सके।

Finder’s अगर आपको यह Post पसंद आई हो कि cbse ka full form क्या होता है और cbse क्या है तो आप हमें नीचे दिए गए comment box में comment करके बता सकते हैं और अगर आप इस Post से संबंधित कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप cbse official website या हमारी find full form की team से पूछ सकते हैं । हमारी team आपके सभी प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उपलब्ध है ।

2 Comments

  1. VIKASH KUMAR November 16, 2018
    • Arvind Patel November 20, 2018

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