बिहार में कितनी तहसील तथा ब्लॉक हैं ?

बिहार जनसंख्या के आधार पर भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। इसके अलावा बिहार कई मायने में भारत के महत्वपूर्ण राज्यों में गिना जाता है। खासकर राजनीति की दृष्टि से बिहार देश में खासा महत्व रखता है। भौगोलिक आधार पर बात करें तो, बिहार भारत के पूर्वी भाग में पड़ता है। इसके बॉर्डर की बात करें तो पूर्वी छोड़ पर पश्चिम बंगाल, पश्चिमी छोड़ पर उत्तर प्रदेश, दक्षिण की ओर बिहार से ही अलग होकर राज्य के रूप में बना झारखंड है, जबकि उत्तर में नेपाल है। इस लेख में आज बिहार के प्रशासनिक संरचना की बात करेंगे, इसके तहत जानेंगे कि बिहार में कितनी तहसील है तथा इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बात भी जानेंगे।

bihar me kul kitni tehsil hai

भारत के बड़े राज्य में शामिल बिहार प्रशासनिक आधार पर कई अलग-अलग भागों में बंटा हुआ है। बिहार 9 प्रमंडल ( Division ) , 38 ज़िला तथा 101 अनुमंडल ( Sub Division ) में बंटा हुआ है। इसके अतिरिक्त इसे अलग-अलग Block यानी कि अलग-अलग तहसील में बांटा हुआ है। अब बात इस लेख के प्रश्न के आधार पर करते हैं कि, बिहार में कितने तहसील हैं। तो आपको बता दें कि अनुमंडल, प्रमंडल तथा ज़िले में बंटे होने के बाद यह पुनः ब्लॉक यानी तहसील में बंटा हुआ है। तहसील को अंचल के नाम से भी जानते हैं। बिहार में कुल 534 तहसील हैं। आगे बढ़ने से पहले जान लेते है कि, ब्लॉक यानी की अंचल तथा तहसील में क्या फर्क है।

तहसील किसे कहते हैं?

ऐसा माना जाता है, कि तहसील तथा ब्लॉक एक ही होते हैं। यह बात कुछ हद तक सही भी है, जबकि कुछ मामलों में यह तर्क गलत साबित होता है। ब्लॉक के अंतर्गत कुछ निश्चित क्षेत्र आते हैं, लेकिन उसी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले तहसील में ब्लॉक से अधिक क्षेत्र या कम क्षेत्र भी हो सकते हैं। दूसरी ओर ब्लॉक क्षेत्र के विकास संबन्धित काम देखता है, जबकि तहसील का प्रमुख काम राजस्व इकट्ठा करना होता है। ब्लॉक के प्रमुख BDO होते हैं, जबकि तहसील के प्रमुख तहसीलदार होते हैं। एक बात यह है कि, दोनो एक दूसरे से जुड़ा ही हुआ है। इस तरह बिहार में तहसील की कुल संख्या 534 है।

  • बिहार में तहसील की कुल संख्या 534 है।
  • ब्लॉक तथा तहसील के मुख्य काम

ब्लॉक के प्रमुख काम की बात करें तो, इसका मुख्य काम संबन्धित क्षेत्र के विकास कार्य की देख-रेख तथा सभी प्रकार के सरकारी योजनाओं की पहुंच इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोगों तक सुनिश्चित करना होता है। इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे कि आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र इत्यादि इन्हीं ब्लॉक कार्यालयों से निर्गत किए जाते हैं। जबकि ब्लॉक का ही तहसील वाला भाग राजस्व इकट्ठा करता है, यानी कि ब्लॉक के अंतर्गत काम करते हुए तहसील अलग-अलग तरह के सरकारी टैक्स जमा करते हैं। इसमें मुख्य रूप से ज़मीन से जुड़ा टैक्स होता है, जिसे मालगुजारी के नाम से जाना जाता है। इसके अतिरिक्त ज़मीन से संबन्धित कुछ कार्य जैसे जमीन की रसीद इत्यादि कटाने का भी काम इसी के अंतर्गत आते हैं।

जैसा कि हम सभी जानते हैं, कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। यहां की अधिकांश जनता कृषि पर ही निर्भर है। इससे यह बात साफ होती है कि बिहार में शहरों / नगरों की अपेक्षा गांव की संख्या बहुत ही ज़्यादा है। बिहार में कुल 45,103 गांव है। इन गांव में से कुछ गांव को एक साथ मिलाकर एक पंचायत का निर्माण किया जाता है। ये सभी पंचायत अलग-अलग तहसील के ही अंतर्गत आते हैं। बिहार में पंचायत की संख्या की बात करें तो, बिहार में कुल 8406 पंचायत हैं। जो कि फिर अलग-अलग वार्ड में बंटा हुआ होता है।

प्रशासनिक आधार पर देखें तो, पंचायत स्तर पर होने वाले चुनाव के बाद निर्वाचित व्यक्ति ही पंचायत के प्रमुख होते हैं। बिहार के गांव के अलावा यहां लगभग 130 की संख्या में शहर  तथा नगर भी मौजूद हैं। शहरों की प्रशासनिक व्यवस्था पंचायत से अलग होती है। शहरों में सभी व्यवस्था नगर निगम के अंतर्गत आते हैं। वार्ड वाली व्यवस्था नगरों में भी होती है।

इस लेख के पढ़ने के बाद आपको प्रश्न, बिहार में कितने तहसील हैं, का उत्तर मिल गया होगा साथ ही बिहार के प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में भी आपको जानकारी मिल गयी होगी। अगर आपके पास इस लेख से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं साथ ही इसी तरह के लेख प्राप्त करते रहने के लिए इस Website से जुड़े रहें।

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