BHEL का Full Form क्या है । BHEL Full Form In Hindi

BHEL ka full form जानना बहुत आवश्यक है, क्योंकि BHEL बहुत बड़ी गवर्नमेंट कंपनी है। जहां लाखों इंजीनियर और उद्योग कंपनियां भारत सरकार से जुड़ती हैं। BHEL नई दिल्ली सन 1964 में लगाई गई थी, और यह अभी तक का भारत का सबसे बड़ा ऊर्जा उत्पादन केंद्र है।  यह कंपनी इतनी बड़ी क्यों बनी और कैसे बनी? आखिर भारत सरकार ने क्यों इसे ही उर्जा का केंद्र बनाने का निर्णय लिया? ऐसे सभी सवालों का जवाब आपको मेरे इस आर्टिकल में मिलेगा। और अभी तक का सबसे बड़ा सवाल जिसके लिए आप आर्टिकल पढ़ रहे हैं – आखिर BHEL का फुल फॉर्म क्या है? कृपया पढ़ते रहे, क्योंकि ऐसे सभी सवालों का जवाब आगे आपको इस आर्टिकल में मिलने वाला है। तो ध्यान से पढ़ते रहिए।

bhel ka full form kya hota hai

BHEL ka Full Form kya hai step by step full information

BHEL का फुल फॉर्म “भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड” (Bharat Heavy Electricals Limited) होता है। जैसे कि मैंने आपको पहले ही बता दिया है कि इससे भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है सन 1964 में. और यह सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में ऊर्जा का एक बहुत बड़ा स्त्रोत बन चुका है। दुनिया भर से इंजीनियर और उद्योगपति इस बड़े ऊर्जा के क्षेत्र में नाम बना चुके खिलाड़ी के साथ जुड़ना चाहते हैं।

BHEL क्या है और यह क्या काम करती है?

आपने अपने मित्रों से BHEL के पेपर या अपने कॉलेज में BHEL के बारे में किसी ना किसी से सुना होगा। 1974 में भेल या बीएचईएल में हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को जोड़ा गया था। फिर इसके बाद में सन 1991 में भेल को सरकारी कंपनी ना बोलकर सामूहिक कंपनी का दर्जा दे दिया गया।

आज भारत में सबसे बड़ा इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और यहां तक की मैकेनिकल चीजों के उत्पादन में सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। लगभग हर बड़ी कंपनी इनके साथ जुड़ना चाहती है।

BHEL के योगदान के बारे में जानकारी

किसी भी चीज का नाम लीजिए, आप को इस कंपनी का कोई ना कोई बना हुआ प्रोडक्ट उस में मिल ही जाएगा। चाहे वह भारतीय सेना का सामान हो या एक आम आदमी के घर का बिजली का बटन,  BHEL या बेल का योगदान लगभग हर रोजमर्रा की उपयोगी चीजों में है। जिनमें से तेल और गैस, दोबारा उपयोग होने वाली ऊर्जा, ऊर्जा का स्त्रोत, ऊर्जा का एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना और भारतीय डिफेंस सिस्टम। इन सब में किसी ना किसी तरीके से भेल का योगदान है।

भारत के ऊर्जा के क्षेत्र में बीएचईएल ने 150 से अधिक ऊर्जा के प्रोजेक्ट को लगभग 20000 मेगा वाट प्रतिवर्ष ऊर्जा का योगदान दिया है। इस कंपनी के बारे में आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि वर्ष 2015-2016 में बेल ने ऊर्जा के क्षेत्र में मार्केट का 74% योगदान दिया था और हर साल इसका योगदान बढ़ता जा रहा है। इस बढ़ते योगदान का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि वर्ष 2014-15 में इसका योगदान सिर्फ 59% था।

भारत से बाहर BHEL का  योगदान

सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि, BHEL अपनी ऊर्जा उत्पादन को दूसरे देशों को भी मोहिया करवा रही है। पीएसीएल यह काम पिछले 40 वर्षों से कर रही है और इसका देश की तरक्की में बहुत बड़ा योगदान है। बीएचईएल लगभग दुनिया के हर हिस्से में पूरे 76 देशों में फैला हुआ है। इन देशों में कुछ बड़े देशों का नाम जैसे मलेशिया, ओमान, इराक, इजिप्ट और न्यूजीलैंड आदि BHEL के मुख्य उपभोक्ता है जो प्रतिवर्ष 9000 मेगा वाट से अधिक ऊर्जा का उपयोग करते हैं।

बीएचईएल की उपलब्धियां

  1. भेल या बीएचईएल भारत की उन बड़ी कंपनियों में से एक है जो R&D में निवेश करते हैं।
  2. वर्ष 2012- 13 में कंपनी ने सिर्फ रिसर्च और डेवलपमेंट में लगभग 1252 करोड़ रुपए का योगदान दिया था, जिसकी कुल कीमत कंपनी के टर्नओवर का 2.5% मानी जाती है।
  3. BHEL ने इसी research और प्रोडक्ट डेवलपमेंट ग्रुप की मदद से फ्लूड डायनामिक्स, परमानेंट मैग्नेट मशीनस और बहुत ही उम्दा मशीन डायनामिक्स, कंप्रेसर और पंप बनाने के अलग से प्लांट का निर्माण किया है।
  4. बीएचईएल ने वेल्डिंग के क्षेत्र में भी बहुत अधिक काम किया है। इनके डिपार्टमेंट में वेल्डिंग को दिन पर दिन बढ़िया बनाने के लिए रिसर्च होती रहती है।
  5. बीएचईएल ने वेल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (WRI) का भी निर्माण तिरुचिरापल्ली में किया है।
  6. भेल के हिस्से में सिरामिक टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (CTI), जो कि बेंगलुरु में स्थित है भी आता है।
  7. Center for electric traction (CET), जो कि भोपाल में स्थित है इसका निर्माण भी बीएचईएल नहीं किया है।
  8. और भी बीएचईएल की बहुत सारी सरकारी ब्रांच है जो अलग-अलग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तरक्की के लिए रिसर्च को बढ़ावा दे रहे है।

इसके साथ ही मैं उम्मीद करता हूं कि आपको इस आर्टिकल में दी गई जानकारी बहुत उपयोगी लगी होगी। और आपने बीएचईएल (BHEL) की फुल फॉर्म अच्छे से समझ लिया होगा।  इस कंपनी ने भारत के बाजार को बहुत अधिक प्रभावित किया है। और इसके प्रत्येक निर्णय का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। मैं उम्मीद करता हूं कि आपको इस कंपनी की वैल्यू और उपयोगिता का अंदाजा आ गया होगा।

अगर अभी भी आपके मन में कोई शंका या प्रश्न है, जिसे आप हम से पूछना चाहते हैं तो आप बेझिझक इस प्रश्न या शंका को नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। मैं आपके प्रश्न का उत्तर देने की कोशिश जल्दी से जल्दी करूंगा। अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो भी आप अपने विचार नीचे कमेंट कर सकते हैं। मुझे आपके कमेंट पढ़कर अच्छा लगेगा।

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  1. Devendra kushwah October 30, 2019

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